जमीन पर कोर्ट केस है या नहीं कैसे पता करें? eCourts पर ऐसे चेक करें
जमीन से जुड़ा कोई पुराना विवाद या कोर्ट केस बाद में बड़ी परेशानी बन सकता है। मामला जमीन के मालिक, कब्जे, बंटवारे या किसी पुराने लेन-देन से जुड़ा हो सकता है। इसलिए अगर आपको शक है कि किसी जमीन या उसके मालिक से जुड़ा केस चल रहा है, तो पहले यह जानकारी चेक कर लेना बेहतर है।
इसके लिए eCourts Services पर नाम, CNR नंबर या केस नंबर से उपलब्ध केस की जानकारी देखी जा सकती है। आइए जानते हैं eCourts पर जमीन का कोर्ट केस कैसे चेक करें और सही केस की पहचान कैसे करें।
eCourt से जमीन पर कोर्ट केस कैसे देखें?
Step 1: eCourts Services की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और Case Status विकल्प चुनें।

Step 2: State, District और Court Complex चुनें। Court Complex का मतलब उस जिले में मौजूद संबंधित अदालतों का परिसर है।

Step 3: अब सही Court Establishment चुनें।
यह उस खास न्यायालय या कोर्ट की पहचान होती है, जहां केस दर्ज या सुना जा रहा है।

Step 4: केस खोजने के लिए Party Name विकल्प चुनें।
अगर आपके पास CNR या Case Number नहीं है, तो नाम से केस खोजने के लिए यह विकल्प उपयोगी है।
Petitioner या Respondent में से संबंधित पक्ष चुनकर उसका नाम दर्ज करें।
Petitioner वह व्यक्ति होता है जिसने केस शुरू किया है, जबकि Respondent वह पक्ष होता है जिसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
Registration Year भरें और Pending, Disposed या Both में से विकल्प चुनें। फिर कैप्चा भरकर Go पर क्लिक करें।

Pending = केस चल रहा है, Disposed = केस का निपटारा हो चुका है, Both = दोनों तरह के केस।
Step 5: अब नाम से मिलने वाले केस की लिस्ट दिखाई देगी। केवल नाम देखकर किसी केस को अपना मामला न मानें। जिला, पक्षकार और Case Type का मिलान करें।
सही केस मिलने पर उसके सामने दिए View विकल्प पर क्लिक करें।

Step 6: Case Details में Case Type, Nature of Suit, CNR Number, Case Number, Petitioner/Respondent और Case Status देखें।
Nature of Suit का मतलब केस किस तरह के विवाद से जुड़ा है।

Step 7: जमीन से जुड़े मामले की पहचान के लिए Title Suit, Civil Suit, Partition Suit, Possession Suit, Declaration Suit या Injunction Suit जैसी जानकारी देखें।
उदाहरण के लिए, Partition Suit बंटवारे से और Possession Suit कब्जे से जुड़े विवाद का मामला हो सकता है।

नीचे जाकर Case Status और Hearing Details देखें। यहां पिछली और अगली सुनवाई की जानकारी मिल सकती है। Petitioner, Respondent और उनके वकीलों की जानकारी भी जांचें। इससे सही केस की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
Step 8: अंत में Acts और Case History देखें। उपलब्ध तारीखों पर क्लिक करके केस की पिछली कार्यवाही और प्रगति की जानकारी देख सकते हैं।

क्या केवल Seller के नाम से कोर्ट केस चेक करना पर्याप्त है?
नहीं। Seller के नाम से केस खोजना शुरुआती जांच है, लेकिन केवल इसी के आधार पर जमीन को विवाद-मुक्त नहीं माना जा सकता। पुराने मालिक, सह-स्वामी या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से भी जमीन से जुड़ा केस हो सकता है।
अगर Seller का नाम सामान्य है, जैसे राम सिंह या राजेश कुमार, तो सिर्फ नाम देखकर किसी केस को सही न मानें। District, Court Establishment, Case Type, Case Number और पक्षकारों के नाम का मिलान जरूर करें।
क्या केवल eCourt देखकर जमीन खरीदना सुरक्षित है?
नहीं। eCourt से कोर्ट केस की जांच जरूरी है, लेकिन यह पूरी जमीन जांच नहीं है। इसके साथ रजिस्ट्री/Sale Deed, जमाबंदी या खतौनी, खसरा, दाखिल-खारिज (Mutation), Encumbrance Certificate (EC) और अन्य संबंधित रिकॉर्ड भी जांचें।
अगर eCourt पर केस नहीं मिलता, तब भी इसे जमीन के पूरी तरह विवाद-मुक्त होने का प्रमाण न मानें। नाम की spelling, जिला और अन्य search details दोबारा जांचें। संदेह होने पर संबंधित कोर्ट या संपत्ति कानून के योग्य वकील से रिकॉर्ड की पुष्टि कराएं।
जमीन खरीदने से पहले किन दस्तावेजों की जांच करें?
- रजिस्ट्री / Sale Deed: Seller का मालिकाना हक और पुराने लेन-देन देखें।
- जमाबंदी / खतौनी: सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मालिक और जमीन का विवरण मिलाएं।
- खसरा नंबर: दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड में खसरा नंबर मिलाएं।
- दाखिल-खारिज (Mutation): पिछले लेन-देन के बाद नाम रिकॉर्ड में अपडेट हुआ है या नहीं देखें।
- Encumbrance Certificate (EC): उपलब्ध रिकॉर्ड में दर्ज भार या पंजीकृत लेन-देन की जांच करें।
- कोर्ट केस: Seller और संबंधित पुराने मालिकों के नाम से केस खोजें।
- अन्य रिकॉर्ड: जरूरत के अनुसार नक्शा, कर/राजस्व रिकॉर्ड और स्थानीय सरकारी रिकॉर्ड भी मिलाएं।
eCourt पर कौन-कौन सी जानकारी देख सकते हैं?
- Case Number: मामले का विशिष्ट नंबर, जिससे बाद में केस खोजना आसान होता है।
- Case Status: केस Pending है या Disposed, इसकी जानकारी।
- Petitioner & Respondent: केस में शामिल दोनों पक्षों के नाम।
- Court Name: मामला किस अदालत में चल रहा है।
- Next Hearing Date: लंबित केस की अगली सुनवाई की तारीख।
- Orders / Judgments: उपलब्ध होने पर कोर्ट के आदेश या निर्णय को ऑनलाइन देखा जा सकता है।
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