किसी भी गांव की घरौनी लिस्ट कैसे देखें और डाउनलोड करें? | Ghrauni List Download | Property Card Download
भारत के ज्यादातर गांवों में आज भी एक बड़ी समस्या है – घर या मकान का पक्का सरकारी रिकॉर्ड नहीं होना। खेत की जमीन का खतौनी रिकॉर्ड तो मिल जाता है, लेकिन गांव के अंदर बने मकानों का मालिक कौन है, इसका साफ दस्तावेज पहले मौजूद नहीं था। इसी वजह से कई बार जमीन और मकान को लेकर विवाद भी हो जाते हैं।
कई लोगों को यह भी नहीं पता होता कि उनके गांव की घरौनी लिस्ट ऑनलाइन उपलब्ध है या नहीं और अगर है, तो उसे कैसे देखें या डाउनलोड करें। कुछ लोग बेवजह साइबर कैफे या एजेंट के पास जाकर पैसे खर्च कर देते हैं, जबकि यह काम मोबाइल से घर बैठे किया जा सकता है।
अब सरकार की स्वामित्व योजना के तहत देश के कई राज्यों में घरौनी (Property Card) ऑनलाइन उपलब्ध कर दी गई है। इस लेख में हम आपको आसान भाषा में बताएंगे कि किसी भी गांव की घरौनी लिस्ट कैसे देखें, अपना नाम कैसे खोजें और प्रॉपर्टी कार्ड कैसे डाउनलोड करें, ताकि आप बिना किसी परेशानी के खुद यह काम कर सकें।
Note: खतौनी (Record of Rights) केवल खेती की जमीन के लिए होती है, जबकि घरौनी गांव की आबादी के अंदर बने आपके मकान का इकलौता सरकारी मालिकाना हक पत्र है।
किसी भी गांव की घरौनी लिस्ट डाउनलोड
Step 1: सबसे पहले भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट swamitva.nic.in पर जाएं। ध्यान रहें घरौनी चेक करने के लिए ऑफिसियल वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें ताकि आपकी निजी जानकारियां सुरक्षित रहें।
Step 2: अब वेबसाइट के होमपेज पर सबसे ऊपर दिख रहे Village Profile के ऑप्शन पर क्लिक करें। मोबाइल में यह ऑप्शन आपको नीचे दिख रहे (+) आइकॉन पर क्लिक करके Reports के सेक्शन में मिल जायेगा।

Step 3: स्क्रीन पर दिख रहे सर्च सेक्शन में अपने गांव का नाम लिखे और Search के ऑप्शन ओर क्लिक करें। गांव का नाम चुनते वक़्त अपने गांव का कोड भी देख लें क्योकि एक ही नाम के ढेरो गांव हो सकते हैं।

Step 4: अब आपके सामने आपके गांव का KPI स्टेटस रिपोर्ट खुलकर आएगा। यहाँ आपको दिख जायेगा की आपके गांव के जमीन का क्या काम हो चूका है और क्या काम बाकि है।

Note: यहाँ अगर किसी कॉलम में हरी टिक है तो इसका मतलब है की वो काम पूरा हो चूका है और लाल गलत निशान है तो इसका मतलब है की वो काम अभी बाकि है।
Step 5: यदि आपके गांव का डेटा तैयार हो चुका होगा, तो आपको Property Card Distributed के सेक्शन में हरे टिक का निशान दिखेगा। घरौनी लिस्ट देखने के लिए टिक के निशान पर क्लिक करें।

Step 6: अब पेज पर निचे की तरफ पूरी घरौनी लिस्ट खुलकर चली आएगी। यहाँ आपको अपने राज्य , जिला , तहसील का नाम और साथ ही साथ जमीन के मालिक का नाम, जमीन का क्षेत्रफल और जमीन के सर्वे की तारीख भी देखने को मिल जायेगी। ऊपर दिख रहे सर्च सेक्शन में अपना नाम डालकर भी अपने नाम की घरौनी लिस्ट देख सकते हैं।

Note: घरौनी लिस्ट में आपको आपके गांव के गली, रास्ते, स्कूल और दुकानों के जमीन की जानकारी भी देखने को मिल जाएगी।
घरौनी (Property Card) डाउनलोड कैसे करें?
जब आपके गाँव की घरौनी (प्रॉपर्टी कार्ड) बनकर तैयार हो जाती है, तो उसे पाना बेहद आसान है। आपको किसी दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं है, आप सीधे अपने फोन से इन दो सरकारी तरीकों से इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

पहला तरीका: मोबाइल पर आए ‘SMS लिंक’ से।
यह सरकार द्वारा दी गई सबसे सुरक्षित और आसान सुविधा है।

- जैसे ही आपकी घरौनी डिजिटल रूप से तैयार होगी, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सरकार की तरफ से एक SMS (मेसेज) आएगा।
- इस मेसेज में एक सुरक्षित डाउनलोड लिंक दिया होता है।
- आप बस उस लिंक पर क्लिक करें और आपकी असली डिजिटल घरौनी (PDF फॉर्मेट में) आपके फोन में डाउनलोड हो जाएगी।
दूसरा तरीका: डिजिलॉकर (DigiLocker) ऐप से।
अगर आपको SMS नहीं मिला है, तो आप भारत सरकार के भरोसेमंद ‘DigiLocker’ ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यहाँ आपकी घरौनी हमेशा के लिए सुरक्षित रहती है
- अपने फोन में DigiLocker ऐप खोलें (या वेबसाइट पर जाएं) और अपने आधार नंबर या मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- सर्च आइकॉन पर क्लिक करके सर्च बार में जाकर ‘Property Certificate ‘ या ‘SVAMITVA’ टाइप करें।
- अपने राज्य के नाम वाले Property Certificate वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
- अब अपने प्रॉपर्टी का यूनिक नंबर जो आपको सरकार द्वारा आपके मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है उसे डालकर Get Document पर क्लिक करें।
- Get Document पर क्लिक करते ही आपकी डिजिटल घरौनी स्क्रीन पर आ जाएगी। यह डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) होती है, जिसे आप कहीं भी सरकारी काम में इस्तेमाल कर सकते हैं।
पीएम स्वामित्व योजना (PM Swamitva Yojana) क्या है?
घरौनी का सीधा संबंध प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से है। इस योजना के तहत देश के सभी राज्यों के गांवों की वह जमीन जिस पर लोग घर बनाकर रहते हैं उसका ड्रोन कैमरों की मदद से नक्शा तैयार किया जाता है। इसके बाद डिजिटल तरीके से हर घर की पैमाइश कर मालिक का नाम दर्ज किया जाता है और उन्हें डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड सौंप दिया जाता है।
घरौनी (Gharauni/Property Card) होना क्यों जरूरी है?
गांवों में अक्सर इस बात पर लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं कि ‘यह दीवार मेरी है’ या ‘यह खाली जगह तुम्हारी है’। इन रोज-रोज के बवालों और झंझटों से बचने के लिए ही घरौनी बनाई गई है। इसके बड़े फायदे ये हैं:-
- घर का पक्का सरकारी कागज: यह इस बात का ठोस सबूत है कि गांव का वह मकान और खाली पड़ी जमीन कानूनी रूप से आपकी ही है। अब कोई भी आपके हक पर उंगली नहीं उठा सकता।
- बैंक से लोन मिलना आसान: जैसे शहरों में लोग अपने मकान के कागजों पर लोन ले लेते हैं, वैसे ही अब आप भी अपने गांव के घर की घरौनी दिखाकर बैंक से होम लोन या बिजनेस लोन आसानी से ले सकते हैं।
- मकान बेचने या नाम चढ़ाने में आसानी: भविष्य में यदि आप अपना मकान बेचना चाहते हैं, या अपने बच्चों के नाम पर ट्रांसफर (वसीयत) करना चाहते हैं, तो बिना घरौनी के यह काम नहीं हो पाएगा।
- अवैध कब्जे से छुटकारा: सरकारी रिकॉर्ड में आपका नाम दर्ज होने के बाद कोई भी दबंग या पड़ोसी आपकी गैर-मौजूदगी में आपके घर या खाली पड़ी जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत नहीं कर पाएगा।
यदि घरौनी लिस्ट में आपका नाम न मिले तो क्या करें?
कई बार ऐसा होता है कि आप पूरी लिस्ट खोज लेते हैं, लेकिन आपको अपने गांव या अपने नाम की घरौनी नहीं मिलती। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, इसके पीछे 3 मुख्य कारण हो सकते हैं:
- ड्रोन सर्वे का अधूरा होना: हो सकता है कि अभी आपके गाँव में ड्रोन से जमीन नापने का काम (सर्वे) चल रहा हो या फिर सर्वे होने के बाद डेटा को सरकारी वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा हो। इसीलिए आपकी जानकारी वेबसाइट पर न दिख रही हो
- आपसी या पारिवारिक विवाद: यदि आपके घर या जमीन को लेकर परिवार में कोई झगड़ा या कोर्ट केस चल रहा है, तो सरकारी अधिकारी (राजस्व विभाग) विवाद सुलझने तक उस घरौनी को होल्ड पर रख देते हैं। जमीन का विवाद सुलझने के बाद ही घरौनी लिस्ट में आपका नाम जोड़ा जाता है
- घर का बंद होना: सर्वे के समय यदि आपके घर पर कोई ताला बंद था या कोई मौजूद नहीं था, तो भी जानकारी अधूरी होने के कारण नाम लिस्ट में नहीं आ पाता। घरौनी लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए पूरी जानकारी का होना बेहद जरुरी हैं
आसान समाधान:
- अपने लेखपाल/पटवारी से मिलें: सबसे पहले अपने क्षेत्र के सरकारी लेखपाल, पटवारी या ग्राम प्रधान (सरपंच) से संपर्क करें।
- दावा और आपत्ति फॉर्म भरें: सरकार सर्वे के बाद आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय देती है। आपको एक साधारण फॉर्म भरकर अपने मकान के पक्के सबूत (जैसे बिजली बिल, पुराना टैक्स रसीद या सहमति पत्र) के साथ जमा करना होगा।
- तहसील में संपर्क करें: यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न हो, तो तहसील दिवस के दिन जाकर तहसीलदार या एसडीएम (SDM) को लिखित शिकायत दें। जांच के बाद आपका नाम लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।
एक्सपर्ट की सलाह
जब भी आपके गांव में ड्रोन सर्वे की टीम आए, तो उस समय खुद मौके पर मौजूद रहें। अपनी खाली पड़ी जमीन, बाड़े और मकान की सही सीमा खुद नापकर दिखाएं। शुरुआत में ही सही जानकारी देने से बाद में तहसील के चक्कर काटने की नौबत नहीं आती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या घरौनी डाउनलोड करने के लिए पैसे देने होते हैं?
नहीं, सरकारी वेबसाइट से अपनी घरौनी का विवरण देखना और डाउनलोड करना पूरी तरह मुफ्त है। इसके लिए कोई पैसे नहीं लगते हैं।
अगर घरौनी में नाम गलत छप गया है तो क्या करें?
यदि आपके नाम की स्पेलिंग या मकान के साइज में कोई गलती है, तो तहसील दिवस (समाधान दिवस) में जाकर तहसीलदार या एसडीएम को इसके सुधार के लिए लिखित आवेदन दें।
स्वामित्व योजना’ के तहत घरौनी कौन देता है?
यह भारत सरकार की पंचायती राज मंत्रालय और उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से ड्रोन सर्वे के बाद तैयार करके दी जाती है।
क्या किराएदार को भी घरौनी मिल सकती है?
नहीं, घरौनी केवल मकान के वास्तविक मालिक यानि की जिसकी जमीन है या जिसके नाम पुश्तैनी अधिकार है उसी को ही दी जाती है।
क्या घरौनी के आधार पर बैंक लोन मिल जाता हैं?
हाँ, अब सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि गांव के लोग अपनी घरौनी (प्रॉपर्टी कार्ड) को बंधक रखकर होम लोन या बिजनेस लोन ले सकते हैं।
निष्कर्ष: सीधी बात यह है कि ‘घरौनी’ आपके गांव के घर का सबसे जरूरी और पक्का सरकारी कागज है। यह न सिर्फ आपके मकान को सुरक्षित रखता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आपको बैंक से लोन दिलाने में भी मदद करता है। अगर आपने अभी तक अपने घर की घरौनी नहीं देखी है, तो आज ही ऊपर बताए गए आसान तरीकों से इसे चेक करें। यदि लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो बिना देर किए अपने लेखपाल या सरपंच से मिलकर इसे सही करवाएं ताकि भविष्य में आपको कोई परेशानी न हो।
